मटर बाजार में इस समय असामान्य तेजी का माहौल बना हुआ है। अन्य दालों के मुकाबले मटर के भाव काफी सस्ते रहने के कारण इसकी खपत में लगभग तीन गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बढ़ती खपत के साथ-साथ घरेलू फसल का उत्पादन अपेक्षाकृत कम रहने से आपूर्ति पक्ष कमजोर दिखाई दे रहा है, जिससे बाजार में संतुलन बिगड़ गया है।
मुंदड़ा पोर्ट से लगातार निकासी बढ़ने के कारण स्टॉक तेजी से कम हो रहा है। इसी दबाव में हाल ही में मटर के भाव 3900 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। पोर्ट के साथ-साथ प्रमुख लोकल मंडियों में भी माल की उपलब्धता सीमित होती जा रही है, जिससे बाजार में एकदम से उछाल देखने को मिला है।
स्थानीय और बाहरी (चालानी) दोनों तरह की मांग मजबूत बनी हुई है। व्यापारिक हलकों में यह माना जा रहा है कि घरेलू फसल की कमी और लगातार बढ़ती खपत को देखते हुए मटर में आगे भी तेजी की संभावना बनी रह सकती है। यदि यही स्थिति बनी रही तो शॉर्ट से मीडियम टर्म में भाव और मजबूत हो सकते हैं।
मौजूदा परिदृश्य में पोर्ट और लोकल मंडियों दोनों जगह माल की कमी महसूस की जा सकती है, इसलिए व्यापारी वर्ग बाजार की चाल को ध्यान में रखते हुए रणनीति बना रहा है।