सरकार की प्रमुख कृषि सहकारी संस्था नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (नाफेड) 19 जनवरी 2026 से कृषि जिंसों की बिक्री के लिए अपना ई-ऑक्शन पोर्टल Nafex.in शुरू करने जा रही है। नाफेड तेलहन और दलहन की सरकारी खरीद करने वाली देश की सबसे बड़ी एजेंसी है और यह पहल जिंसों की नीलामी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और लागत-कुशल बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
नाफेड के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस पोर्टल को कंसल्टिंग फर्म डेलॉयट के सहयोग से विकसित किया गया है। नाफेड इस बात पर भी विचार कर रहा है कि भविष्य में राज्य-स्तरीय सहकारी संघों और सरकारी एजेंसियों को भी इस पोर्टल पर अपनी ई-नीलामी करने की अनुमति दी जाए, जिससे राज्यों को निजी प्लेटफॉर्म पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सके।
वर्तमान में नाफेड, किसानों से मूल्य समर्थन योजना (PSS) और मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) के तहत हर साल लगभग 53 लाख टन दलहन और तेलहन की खरीद करता है। इन जिंसों की बिक्री के लिए अभी नाफेड को mjunction, NCDEX ई-मार्केट्स (NeML) और ई-टीच जैसे निजी ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म का सहारा लेना पड़ता है। इसी तरह, राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (NCCF) भी PSS और PSF के तहत खरीदी गई जिंसों की नीलामी के लिए इन्हीं निजी प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करता है।
निजी ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म पर कारोबार करने की एक लागत भी जुड़ी होती है। इन प्लेटफॉर्म्स द्वारा खरीदारों से कुल कारोबार मूल्य का लगभग 0.03% शुल्क वसूला जाता है। नाफेड का अपना पोर्टल शुरू होने से भविष्य में इस तरह की लेनदेन लागत को कम करने और सरकारी एजेंसियों के लिए एक समर्पित डिजिटल नीलामी प्रणाली तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।